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बेवक़ूफ़, यह सिस्टम है

सेबी, बड़ी और छोटी निवेशकों की आवाज़ है | अगर निवेशक को लगता है कि उसे धोखा दिया गया है, तो न्याय सुनिश्चित करना सेबी का कर्तव्य है |

यह प्रशंसा योग्य है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारी-वर्ग की पहचान उन महत्वपूर्ण चीजों से की है जिन्हें बदलने की आवश्यकता है | 31 जनवरी से पहले सभी आईएएस अधिकारियों को अपनी संपत्ति का विवरण जमा करना पड़ेगा – ऐसा करने में असफल रहने पर सतर्कता मंजूरी, जो पदोन्नति और विदेशी पोस्टिंग के लिए अनिवार्य है, के खंडन को बढ़ावा मिलेगा [1] | हालांकि यह एक स्वागत योग्य कदम है, पर सिस्टम को साफ करने के लिए ऐसे कई और कदमों की आवश्यकता है | मैं सिर्फ एक एजेंसी पर अपना ध्यान केन्द्रित करने जा रहा हूं जिसकी निष्क्रियता ने सिस्टम को भंग कर दिया है |

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)

इस एजेंसी को अक्सर कई अन्य एजेंसियों को, विशेषकर नई दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) को, अपना काम करने की अनुमति नहीं देने के कारण, PGurus के लेखों में आकर्षित किया गया था | हालांकि अन्य मामले भी हैं, परन्तु मैं इस बात पर ध्यान केन्द्रित करूंगा कि सेबी की भूमिका महत्वपूर्ण क्यों है |

सेबी, बड़ी और छोटी निवेशकों की आवाज़  है | अगर निवेशक को लगता है कि उसे धोखा दिया गया है, तो न्याय सुनिश्चित करना सेबी का कर्तव्य है |  इसके लिए, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी सूचीबद्ध कंपनी (और जो सार्वजनिक करना चाहते हैं) नियमों का पालन करे |

सेबी को उस प्राथमिक लक्ष्य को याद रखना चाहिए जिसके लिए इसे बनाया गया था – शेयरधारकों के हितों की सेवा और उनकी रक्षा करना। और यह इस में विफल हो गया है

 

सेबी के कार्य क्या हैं?

सेबी, पूंजी बाजार के व्यवस्थित संचालन को मुख्य रूप से[2], सेबी अधिनियम, 1992 के तहत पारित किये गए चार नियम के माध्यम से लागू करता है |

  • विनियमों/ शेयरों के पर्याप्‍त अर्जन और अधिग्रहण (SAST)
  • इनसाइडर ट्रेडिंग के प्रति निषेध (PIT)
  • धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध (FUTP)
  • लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण विनियम जो कि प्रकटीकरण/लिस्टिंग उल्लंघन (LODR)

 

इस श्रृंखला में एनडीटीवी द्वारा उपरोक्त चार नियमों में से प्रत्येक के उल्लंघन के बारे में बताया गया है [3]| फिर भी, सेबी अब तक चुप है | वास्तव में वह, यह इस विषय में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्रश्नों की खोज को चकमा रहा है | एनडीटीवी द्वारा किए गए विभिन्न उल्लंघनों पर अपनी स्थिति देने के लिए सेबी इस हफ्ते दिल्ली उच्च न्यायालय में पेश होगा [4] | मैं ईमानदारी से आशा करता हूं कि वह उन मुद्दों पर उद्धृत करेगा जो लंबे समय से लंबित है |

भाजपा मंत्री एनडीटीवी में प्रदर्शित क्यों हो रहे हैं ?

 

यह मुझे हैरान करता है कि कुछ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मंत्री अभी भी इस चैनल, जो 2002 के दंगों के बाद एकमात्र दिमाग समर्पण में उनके नेता के पीछे चला गया था, में उपस्थित होते हैं | एनडीटीवी को 24 घंटे की अवधि के लिए ऑफ-एयर जाने के आदेश के बावजूद, किसी भी सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने यह कदम उठाने की हिम्मत नहीं की | इससे भी बदतर, एनडीटीवी की एंकर निधि राजदान ने बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा को शो से बाहर निकाल दिया [5] | क्या तुम्हारा (तुम्हे से मेरा मतलब अल्पसंख्यक मंत्रियों से है जो अक्सर एनडीटीवी पर दीखते हैं) कोई आत्मसम्मान नहीं है? क्या आपको चैनलों पर प्रदर्शित होने से पहले एनडीटीवी को बिना शर्त, सार्वजनिक माफी देने के लिए जोर नहीं डालना चाहिए? यह झुकाव अपील क्यूँ ?

एनडीटीवी द्वारा सेबी के उल्लंघन की सूची नीचे दी गई तालिका दिखाती है:

Sl. No. Description SEBI Violation
S P F L
1 Insider Trading (PIT violation) with General Atlantic Partners (an FII) that triggered the Takeover Code (i.e. SAST) during the period 11.12.2007 to 30.12.2007
2 Fraud and manipulation (Securities Fraud) in transactions and various other actions with Goldman Sachs & Co (Mauritius) during the period 1.2.2008 to 30.7.2008
3 ICICI Bank transaction under LODR/ Listing Agreement and FUTP being investigated by the Central Bureau of Investigation (CBI), India
4 Insider Trading, FUTP and SAST violations in agreements with Vishvapradhan Commercial P. Ltd. (VCPL) during the period 18.7.2009 to 31.03.2010 that has led to change in Control of the Company and then again transfer of ownership of VCPL to Mahendra Nahata group in 2012. In 2011 DG Investigation Income Tax determined that VCPL is a front for RIL Group. Even Business Standard has written extensively about this.

यह इंगित करना उचित है कि अवैध समझौतों के रूप में रॉयस द्वारा हस्ताक्षरित सभी साक्ष्य, अंदरूनी व्यापार और धोखाधड़ी पर ईमेल एक्सचेंज, और अन्य कई ठोस सबूत के टुकड़े 2014 से सेबी को प्रस्तुत किए गए हैं | इसके अलावा, सभी दस्तावेज 2015 की दिल्ली एचसी आरआईटी सं। 11148 के भाग के रूप में दायर किए गए हैं और सेबी के पास उपलब्ध हैं |

उम्मीद है कि सेबी अपना कार्य करेगा

न केवल PGurus, टीवी राजनीतिक टिप्पणीकार और Thuglak के संपादक, एस Gurumurthy ने सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी को लिखा और एनडीटीवी के खिलाफ सेबी की निष्क्रियता की जांच करने के लिए अनुरोध किया [6] |

एनडीटीवी में एक निजी शेयरधारक क्वांटम सिक्योरिटीज के मामले में, सेबी जटिलताओं और उनकी शिकायतों के विवरण को सुनने के लिए और उनसे मिलने से इनकार कर रही है | क्वांटम सिक्योरिटीज ने बार-बार दो सालों से सेबी के समक्ष साक्ष्य के साथ सुनवाई और त्यागने का अवसर मांगा है | क्या यह एक शिकायतकर्ता का एक संगठन से पहले, जो उसकी सुरक्षा के लिए स्थापित है, का वैधानिक अधिकार नहीं है ? क्या उसे दिल्ली उच्च न्यायालय से निर्देश लेने की आवश्यकता है ? सेबी को अपने प्राथमिक लक्ष्य – शेयरधारकों के हितों की सेवा और उनकी रक्षा करना – को याद रखना चाहिए जिसके लिए उसे बनाया गया था | और वह इसमें विफल हो गया है |

संदर्भ

[1] Away from the headlines, Modi is taming the bureaucracyDec 28, 2017, The Economic Times

[2] SEBI’s inaction on NDTV and understanding the violations of NDTVOct 22, 2017, PGurus.com

[3] SEBI InactionOct, 2017, PGurus.com

[4] ED informs Delhi HC on registering cases against NDTV & RRPR for money launderingNov 3, 2017, PGurus.com

[5] NDTV’s Nidhi Razdan orders Sambit Patra off her showJun 2, 2017, Business Standard

[6] Gurumurthy writes to SEBI Chairman about NDTVOct 5, 2017, PGurus.com

Sree Iyer

An inventor and out-of-the-box thinker, Sree Iyer has 37 patents in the areas of Hardware, Software, Encryption and Systems. His first book NDTV Frauds has been published and is an Amazon Bestseller. It ranked second among all eBooks that were self-published in 2017. His second book, The Gist of GSTN which too is available on Amazon as an e-Book and as a paperback. His third book, The Rise and Fall of AAP is also available in print version or as an e-Book on Amazon. His fourth book, C-Company just released to rave reviews and can be bought as a print version or as an e-Book on Amazon.

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