गुजरात के गधे

हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश चुनावों में अखिलेश यादव ने प्रधान मंत्री मोदी को गुजरात के गधे कह कर वर्णित किया था

हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश चुनावों में अखिलेश यादव ने प्रधान मंत्री मोदी को गुजरात के गधे कह कर वर्णित किया था
हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश चुनावों में अखिलेश यादव ने प्रधान मंत्री मोदी को गुजरात के गधे कह कर वर्णित किया था

हाल ही में संपन्न उत्तर प्रदेश चुनावों में अखिलेश यादव ने प्रधान मंत्री मोदी को गुजरात के गधे कह कर वर्णित किया था | आप को तो पता है के बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन गुजरात के ब्रांड ambassador हैं | यह एक काल्पनिक बातचीत है |

1 COMMENT

  1. The cartoon voice talk bubble thingy, “गधे से गधा मिले तो मिल गये दो लात” is simply not correct; instead, is funny and comic in itself. “गधे से गधा मिले तो मिल गयीं (better: गईं) दो लातें” is appropriate. Kindly let me point out that ‘लात’ is a singular, feminine (gender) noun, whose plural form is लातें. ‘मिल गये दो लात’ wrongly presumes ‘लात’ to be a masculine noun (unaltered whether singular or plural). Moreover, ‘गधा’, being singular and masculine, should lead to “गधे से गधा मिला तो मिल गयीं दो लातें”; however, “गधे से गधा मिले तो मिल गयीं (better: गईं) दो लातें”, too, is alright but only if the ‘मिले’ implies ‘मिला’ in the subjunctive (= if) mood. Luckily, the situation here involves an intransitive verb (= अकर्मक क्रिया) like ‘मिला’; where there is a transitive verb (= सकर्मक क्रिया) like, say, ‘गाया’, the verb takes the gender of the OBJECT, and a ‘ने’ appears immediately after the SUBJECT, eg, ‘नर्मदा ने गाना गाया’.

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